एचसीएस भर्ती-2026 में बड़ा फैसला, हाईकोर्ट ने एचपीएससी को रिजल्ट दोबारा जारी करने के दिए निर्देश
- By Gaurav --
- Tuesday, 16 Jun, 2026
Punjab And Haryana High Court
Punjab and Haryana High Court ने हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) भर्ती-2026 की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए Haryana Public Service Commission को परिणाम दोबारा तैयार कर जारी करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि भूतपूर्व सैनिक (ईएसएम), दिव्यांग भूतपूर्व सैनिक (डीईएसएम) और उनके आश्रितों को प्रारंभिक परीक्षा में प्राथमिकता देना भर्ती विज्ञापन की शर्तों के विपरीत था।
जस्टिस Sandeep Moudgil ने एक अभ्यर्थी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता ने 26 अप्रैल 2026 को आयोजित एचसीएस प्रारंभिक परीक्षा के 4 मई को घोषित परिणाम को चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान एचपीएससी ने दलील दी कि परिणाम राज्य सरकार की आरक्षण नीति और भर्ती विज्ञापन के अनुरूप घोषित किया गया है। आयोग का कहना था कि आरक्षित वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए प्राथमिकता मानदंड लागू किए गए थे।
हालांकि हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि ईएसएम और डीईएसएम उम्मीदवारों को दी जाने वाली प्राथमिकता केवल अंतिम चयन और नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान लागू की जा सकती है, न कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में।
कोर्ट ने पाया कि आयोग ने उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग करते समय भी इन प्राथमिकता नियमों का उपयोग किया, जो भर्ती विज्ञापन की धारा 17(15)(एच) के विपरीत है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी नीति के उद्देश्य के आधार पर उसकी स्पष्ट शर्तों की अनदेखी नहीं की जा सकती। एचपीएससी जैसी संवैधानिक भर्ती संस्था की जिम्मेदारी है कि वह विज्ञापन की शर्तों का अक्षरशः पालन करे।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद आयोग अपने स्तर पर नियमों में बदलाव नहीं कर सकता। हालांकि, अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देने संबंधी याचिकाकर्ता की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया।
इस फैसले के बाद अब एचपीएससी को अदालत के निर्देशों के अनुरूप एचसीएस भर्ती-2026 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम दोबारा तैयार कर जारी करना होगा।